प्रिय पाठको, आपको जानकर खुशी होगी कि, हम ऐसे युग में प्रवेश कर चुके हैं जहां इंसानों ने ऐसी तकनीक का विकास कर लिया है जिसके फलस्वरूप मशीन भी इंसानों की तरह सोचने, सीखने और निर्णय लेने की क्षमता रखने लगी है| इस तकनीक का नाम है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए आई) |यह कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जिसमें डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है| संक्षिप्त में लिखा जाए तो एआई के द्वारा मशीन निम्नलिखित कार्य करने लगी है:
1950 के दशक में एआई की शुरुआत हुई थी, जब वैज्ञानिकों ने ऐसी मशीनें बनाने की कल्पना की जो इंसानों की तरह सोच और तर्क कर सकें।
– 1956: डार्टमाउथ सम्मेलन में एआई को पहली बार एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया, और इसकी आधिकारिक चर्चा हुई।
– 1960-70: प्रारंभिक एआई सिस्टम विकसित किए गए, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण इस क्षेत्र में प्रगति धीमी रही।
– 1980-90: ‘विशेषज्ञ सिस्टम’ और ‘न्यूरल नेटवर्क’ का विकास हुआ, जिससे एआई की प्रगति को नई दिशा मिली।
– 2000 के बाद: मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग के विकास ने एआई प्रगति को तेज गति से आगे बढ़ाया।
– आज: एआई का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार, रोबोटिक्स, परिवहन, उत्पादन और कई अन्य क्षेत्रों में हो रहा है, जिससे सामाजिक जीवन को अधिक सुविधाजनक तरीके से जिया जा रहा है।
एआई तकनीक का पथ प्रगति की ओर अग्रसर है | अतः यह कहा जा सकता है की भविष्य और भी उन्नत हो सकता है, जहां एआई तकनीक, कई कार्यों को स्वचालित कर इंसानों की सहायता करेगा।
आपके मन में प्रश्न उठेंगे की एआई से मुझे क्या सहायता मिले गी ? तो आइए धीरे धीरे पढ़ते हुए प्रश्न का उत्तर ढूंढने का प्रयास करते हैं |
प्रिय पाठकों, पढ़ते समय हर शब्द और वाक्य के अर्थ को समझें और तब ही आगे बढ़ें| आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) , और मशीन लर्निंग (Machine Learning) विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जो वर्तमान समय में तेजी से विकास कर रहे हैं।

आइए आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स के बारे में थोड़ा और जानने का प्रयास करते हैं | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूटर विज्ञान का वह क्षेत्र है, जिसमें कंप्यूटर सिस्टम्स को मानव-समान इंटेलिजेंस और संज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूरित किया जाता है। इसमें मशीन लर्निंग&डीप लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), कंप्यूटर विज़न, और रॉबोटिक्स जैसी तकनीकें शामिल होती हैं।

नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (Natural Language Processing) कंप्यूटर विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो मशीनों को इंसानी भाषा समझने, विश्लेषण करने और उस पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाता है.|(ध्यान दीजिए कि विश्व में इंसानी भाषाएं बहुत सारी है अतः कंप्यूटर को भी सभी भाषाओं को समझना होगा, विश्लेषण करना होगा ,और प्रस्तुतियां देने में सक्षम होना होगा) विस्तृत ज्ञान के लिये निम्नलिखित वेबसाइट रेफर कीजिए :
http://NLP in Hindi – Natural Language Processing क्या है?
https://ehindistudy.com/2022/07/22/nlp-hindi/
कंप्यूटर विज़न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक क्षेत्र है, जो मशीनों को दृश्य डेटा (जैसे छवियां और वीडियो) को समझने और विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है| यह तकनीक कंप्यूटर को “देखने” और वस्तुओं की पहचान करने, उनका वर्गीकरण करने और उनके बारे में निर्णय लेने में मदद करती है| विस्तृत ज्ञान के लिये निम्नलिखित वेबसाइट रेफर कीजिए :
http://• IEEE Computer Society
https://www.computer.org/resources/computer-vision
https://www.geeksforgeeks.org/computer-vision/
https://www.ibm.com/think/topics/computer-vision
कोग्निटिव कंप्यूटिंग एक उन्नत तकनीक है जो कंप्यूटर को मानव मस्तिष्क की तरह सोचने और निर्णय लेने में सक्षम बनाती है. यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और बिग डेटा का उपयोग करके जटिल समस्याओं को हल करने में मदद करती है| विस्तृत ज्ञान के लिये निम्नलिखित वेबसाइट रेफर कीजिए :
http://कोग्निटिव कंप्यूटिंग क्या है? cognitive computing in hindi, meaning, definition
https://hindi.theindianwire.com-40655/
मशीन लर्निंग एक ऐसा उपक्रम है, जिसमें कंप्यूटर को डेटा का उपयोग करके सीखने और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान की जाती है। यह AI का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो एल्गोरिदम और सांख्यिकीय मॉडल्स के माध्यम से कंप्यूटर को स्वायत्तता से कार्य करने में सक्षम बनाता है।
दो शब्द ‘एल्गोरिदम’ और ‘सांख्यिकी’ का विवरण संक्षिप्त में निम्नानुसार है:
एल्गोरिदम एक निर्देशों का क्रमबद्ध समूह है, जिसे किसी समस्या को हल करने या किसी कार्य को स्वचालित रूप से पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। यह गणित, कंप्यूटर विज्ञान और डेटा प्रोसेसिंग में व्यापक रूप से उपयोग होता है।
एल्गोरिदम मूल रूप से चरणबद्ध निर्देशों का एक सेट है जो किसी कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद करता है।
उदाहरण: आलू की सब्जी बनाने का तरीका
जब आप कोई सब्जी बनाते हैं, तो आपको निश्चित क्रम में सामग्री मिलानी होती है और कुछ स्टेप्स का पालन करना होता है।जैसे की
यह एल्गोरिदम का एक उदाहरण है, जिसमें प्रत्येक चरण को क्रमबद्ध रूप से पूरा किया जाता है |
सांख्यिकी गणित की एक शाखा है, जो डेटा के संग्रह, विश्लेषण, व्याख्या और प्रस्तुति से संबंधित है। इसका उपयोग डेटा से उपयोगी जानकारी निकालने और भविष्यवाणियाँ करने के लिए किया जाता है।
इसे सरल तरीके से समझने के लिए निम्नलिखित उदाहरण देखें:
यदि पिछले 10 सालों में जून का औसत तापमान 35°C रहा है, तो वे अनुमान लगाते हैं कि इस साल भी तापमान इसी के आसपास रहेगा।

सुपरवाइज्ड लर्निंग, मशीन लर्निंग का एक प्रकार है, जिसमें एल्गोरिदम, लेबल किए गए डेटा से सीखता है, (लेवल किए गए डेटा का मतलब है डेटा को उसके विवरण के अनुसार वर्गीकृत करना ताकि इसे बेहतर ढंग से समझा जा सके | ) जिसमें इनपुट डेटा और उसका लेबल तथा संबंधित आउटपुट डेटा और उसका लेबल दोनों शामिल होते हैं। इसका लक्ष्य लेबल किए गए उदाहरणों से सीखे गए पैटर्न के आधार पर नए डेटा का पूर्वानुमान या वर्गीकरण करना है।
उदाहरण: ईमेल स्पैम डिटेक्शन – एक मॉडल को ईमेल डेटा दिया जाता है, जहां कुछ ईमेल को “स्पैम” और कुछ को “नॉन-स्पैम” के रूप में लेबल किया गया होता है। यह मॉडल सीखता है कि किस प्रकार के शब्द या पैटर्न स्पैम को दर्शाते हैं और और उसी के अनुसार नए ईमेल का वर्गीकरण करता है|
अनसुपरवाइज्ड लर्निंग, मशीन लर्निंग की एक विधि है, जिसमें एल्गोरिदम को बिना किसी लेबल वाले डेटा के साथ प्रशिक्षित किया जाता है। इसका उद्देश्य डेटा में छुपे हुए पैटर्न, संरचना या समूहों की पहचान करना होता है, मशीन को पहले से ही यह नहीं बताया जाता कि आउटपुट क्या होना चाहिए।
अगर आपको “डेटा पैटर्न” के बारे में विस्तार से ज्ञान चाहिए तो निम्नलिखित वेबसाइट रेफर करें :
https://www.geeksforgeeks.org/complex-data-types-in-data-mining/
https://www.ideamotive.co/blog/complex-data-analysis-and-manipulation
✔ कोई लेबल नहीं – इनपुट डेटा में पहले से तय किए गए सही जवाब (labels) नहीं होते।
✔ स्वचालित क्लस्टरिंग – एल्गोरिदम, डेटा को स्वाभाविक रूप से समूहों में विभाजित करता है।
✔ संबंधों की खोज – डेटा, पॉइंट्स के बीच छुपे हुए संबंधों को समझने में मदद करता है।
उदाहरण: बैंकिंग – धोखाधड़ी का पता लगाना
रिइनफोर्समेंट लर्निंग (RL) मशीन लर्निंग की एक विधि है, जिसमें एल्गोरिदम एक वातावरण में कार्य करता है और अनुभव के आधार पर सीखता है। इसे मनुष्यों के सीखने की प्रक्रिया से प्रेरित माना जाता है, जहाँ प्रयोग और परिणामों के आधार पर निर्णय सुधारते हैं।
प्रत्येक मशीन लर्निंग अनुप्रयोग के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले प्रमुख टूल और लाइब्रेरी निम्नलिखित हैं:
ये टूल्स विभिन्न मशीन लर्निंग अनुप्रयोगों को विकसित करने और उन्हें लागू करने में सहायता करते हैं।
वर्तमान इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के युग में एआई तेजी से प्रगतिशील है| अगर हमें समय के साथ आगे बढ़ना है तो एआई और मशीन लर्निंग का ज्ञान होना आवश्यक है| एआई के टूल्स का ज्ञान हमको समाज में उपयोगी सिद्ध करेगा|
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