प्रस्तुत विषय पर ब्लॉग उन उद्यमियों की ज्ञान सीमा को बढ़ाने के लिए लिखा गया है जो निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर ढूंढ रहे हैं:
“मैं किस क्षेत्र में कौन सा उद्योग स्थापित करूं?”
प्रश्न का उत्तर पाने के लिए आपको 10 कदम उठाने पड़ेंगे |
तो आइये दस कदम बढ़ाइये |
विषय को विस्तार से समझने हेतु आपको लिखे गए प्रत्येक प्रसंग को ध्यान से समझना होगा | आइये निम्नलिखित 10 प्रसंग पर अपना ध्यान दें:
अपने जुनून, कौशल और ज्ञान को समझें। आप किसमें अच्छे हैं? क्या किस काम को करना पसंद करते हैं?

किसी भी कार्य को आरम्भ करने से पह्ले स्व्यम को पहचाने ।
अपने चारों ओर देखें और उन समस्याओं की पहचान करें जिनका लोगों को सामना करना पड़ता है। तुम्हें किस बात से चिढ़ है? क्या सुधार किया जा सकता है?

स्व्यम के कौशल को समझिये। क्या आप समस्या का निराकरण कर सकते हैं।
अपने लक्षित बाज़ार का विश्लेषण करें। उनकी ज़रूरतों, चाहतों और व्यवहारों को समझें।

बाजार अनुसंधान से लक्ष्य निर्धारण मे सफलता मिलती है ।
अपने प्रतिस्पर्धियों का अध्ययन करें। बाज़ार में उन अंतरालों की पहचान करें जहाँ आप एक अद्वितीय समाधान पेश कर सकते हैं।

प्रतीस्पर्धा विष्लेषण से आप सम्भावित बाजार मे स्व्यम का स्थान पह्चान सकते हैं।
अपने शोध के आधार पर संभावित व्यावसायिक विचारों की एक सूची तैयार करें। रचनात्मक ढंग से सोचने से न डरें।

व्यव्साये की सूची बनाने से आप स्वभावानुकूल व्यवसाये को चुन सकते हैं ।
बाजार के आकार, प्रतिस्पर्धा और आवश्यक संसाधनों जैसे कारकों पर विचार करते हुए प्रत्येक विचार की व्यवहार्यता का मूल्यांकन करें।

किसी भी विचार को वास्त्विक धरातल पर लाने से पह्ले उसका व्यवहार्यता मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक है।
सर्वेक्षण, साक्षात्कार या फोकस समूहों के माध्यम से संभावित ग्राहकों के साथ अपने विचारों का परीक्षण करें।

सम्भावित ग्रहको के द्वारा उत्पाद य सेवा का सत्यापन व्यापार मे सफलता की सम्भावना बढा देता है।
उद्योग के रुझानों से अपडेट रहें और उभरते अवसरों की पहचान करें।

बदलते हुये तकनीकी वातावरण से अवगत रहे।
गुरुओं, मित्रों और परिवार से सलाह और प्रतिक्रिया लें।

याद रखें, एक सफल व्यावसायिक विचार अक्सर कारकों के संयोजन से उत्पन्न होता है। फीडबैक और बाज़ार की गतिशीलता के आधार पर अपने विचारों को दोहराना और परिष्कृत करना आवश्यक है।
परिचितो से सलाह लेने से बहुत सारी समस्यओ का समाधान मिल जाता है।कुच समस्याओ से वह परिचित नही होंगे तो उनको समाधान मिल जायेगा।
बाजार में फिट होने का परीक्षण करने के लिए अपने उत्पाद या सेवा का एक मूल संस्करण बनाएं।

मूल्भूत बातो का अवलोकन करने के बाद आपके लक्ष्य का निर्धारण कीजिये

लक्ष्य का निर्धारण के बाद , लक्ष्य को वास्त्विक धरातल पर लाने से पह्ले काम करने के प्रारूप का अध्य्यन कीजिये ।

तदुपरांत व्यापार के मूल्भूत नियमो और सिद्धांतो का पालन कीजिये सफल्ता अवश्य मिलेगी।

बिजनेस आइडिया की पहचान करने के लिए आवश्यक १० कदमो का विवरण प्रस्तुत है।पढिये अमल मे लाइये ,सफलता अवश्य मिलेगी।